सामान्य प्रश्न

Q. 1. आयोग के अध्यक्ष तथा सदस्यों को कौन नियुक्त/नामित करता है?

Ans.

आयोग के अध्यक्ष तथा सदस्यों की नियुक्ति केन्द्रीय सरकार (सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय) द्वारा की जाती है।

Q. 2. क्या आयोग का अपना कोई क्षेत्रीय कार्यालय है?

Ans.

जी, नहीं। आयोग का कोई क्षेत्रीय कार्यालय नहीं है। तथापि "हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन का प्रतिषेध और उनका पुनर्वास अधिनियमए २०१३" के अंतर्गत निम्नलिखित राज्यों के अपने निजी राज्य सफाई कर्मचारी आयोग हैं अथवा इस प्रयोजनार्थ नामित ऐसा कोई अन्य निकाय है :-

  1. दिल्ली
  2. उत्तर प्रदेश
  3. उत्तराखंड
  4. मध्य प्रदेश
  5. राजस्थान
  6. महाराष्ट्र
  7. कर्नाटक
  8. छत्तीसगढ़ (राज्य अनुसूचित जाति आयोग को नामित किया गया है)
  9. पंजाब (सफाई कर्मचारी कल्याण बोर्ड)

Q. 3. आयोग के अध्यक्ष तथा सदस्यों का रैंक और हैसियत क्या है?

Ans.

अध्यक्ष का रैंक और हैसियत केन्द्रीय राज्य मंत्री का है जबकि सदस्यों का रैंक और हैसियत भारत सरकार के सचिव का है।

Q. 4. क्या राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग एक स्थायी निकाय है?

Ans.

जी, नहीं। राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग एक अस्थायी गैर-सांविधिक निकाय है जिसका कार्यकाल समय-समय पर सामान्यत: तीन वर्षों के लिए बढ़ाया जाता है।

Q. 5. क्या आयोग के पास संबंधित संगठनो के अधिकारियों को समन करने और उनका मौखिक साक्ष्य (सुनवाई) करने की शक्तियां हैं अथवा क्या यह सूचनाए दस्तावेज, शपथ.पत्र पर साक्ष्य प्राप्त कर सकता है, क्या यह किसी व्यक्ति को उपस्थित होने को कह सकता है और उससे पूछताछ कर सकता ह

Ans.

जी, नहीं। यह आयोग सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के तत्वावधान में कार्यरत एक गैर-सांविधिक निकाय है। एक गैर-सांविधिक निकाय होने के कारण इसे सिविल न्यायालय की शक्तियां प्राप्त नहीं हैं, जैसाकि राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग, राष्ट्रीय महिला आयोग इत्यादि जैसे अन्य सांविधिक निकायों के मामले में है।

Q. 6. क्या आयोग अथवा अन्य किसी प्राधिकरण द्वारा ऐसे दिशा.निर्देश जारी किए गए हैं जिनमें सफाई करने के क्षेत्र के अनुपात में नियोजित करने वाले सफाई कर्मचारियों की संख्या दी गई हो?

Ans.

आयोग द्वारा न तो ऐसे कोई दिशा.निर्देश जारी किए गए हैं और न ही आयोग को इस बात की जानकारी है कि किसी अन्य प्राधिकार द्वारा ऐसे कोई दिशा.निर्देश जारी किए गए हैं।

Q. 7. क्या सीवर संबंधित मृत्यु के मामले में कोई मुआवजा राशि प्रदान की जाती है?

Ans.

जब सीवर सेप्टिक टैंक की सफाई में संलग्न किसी व्यक्ति की सफाई करते समय मृत्यु हो जाती है तो उच्चतम न्यायालय की रिट याचिका सं. ५८३ में दिनांक २४/०३/२०१४ को दिए गए निर्णय के अनुसार उसका परिवार, आश्रित १० लाख रुपए की मुआवजा राशि का पात्र होता है।

Q. 8. क्या सीवर लाइन में सुरक्षा उपकरण के बिना प्रवेश करना एक अपराध है?

Ans.

जीए हां। उच्चतम न्यायालय ने सफाई कर्मचारी आंदोलन एवं अन्य बनाम भारत संघ रिट याचिका सं.583 में दिनांक २४/०३/२०१४ को दिए गए अपने निर्णय में यह उल्लेख किया है कि सुरक्षा उपकरणों के बिना सीवर लाइन में प्रवेश करने को एक अपराध बनाया जाना चाहिए, चाहे यह आपातकालीन स्थिति में हो।

Q. 9. क्या ‘’हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन का प्रतिषेध और उनका पुनर्वास अधिनियम, 2013’’ के अंतर्गत अपराध एक संज्ञेय अपराध है?

Ans.

जी, हां। ‘’हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन का प्रतिषेध और उनका पुनर्वास अधिनियम, 2013’’ के अंतर्गत प्रत्येक अपराध एक संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध है।

Q. 10. क्या मैनुअल स्केवेंजर के रूप में किसी व्यक्ति को नियोजित करना एक दंडनीय अपराध है?

Ans.

जी, हां। ‘’हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन का प्रतिषेध और उनका पुनर्वास अधिनियम, 2013’’ के उपबंधों के अंतर्गत मैनुअल स्केवेंजर के रूप में किसी व्यक्ति को नियोजित करना एक दंडनीय अपराध है जिसमें प्रथम उल्लंघन के लिए ऐसे कारावास से, जिसकी अवधि एक वर्ष तक की हो सकती है या ऐसे जुर्माने से जो 50,000 रुपए तक हो सकता है या दोनों से, दंडनीय होगा। किसी पश्चातवर्ती उल्लंघन के लिए कारावास, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकती है या जुर्माने से, जो 1.00 लाख रुपए तक का हो सकता है, या दोनों से, दंडनीय होगा।

Q. 11. मैनुअल स्केवेंजर कौन होता है?

Ans.

‘’हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन का प्रतिषेध और उनका पुनर्वास अधिनियम, 2013’’ की धारा 2(छ) के अनुसार मैनुअल स्केवेंजर से ऐसा कोई व्यक्ति अभिप्रेत है, जिसको किसी अस्वच्छ शौचालय से या किसी खुली नाली या ऐसे गड्ढे में से, जिसमें अस्वच्छ शौचालयों से या किसी रेलपथ से या ऐसे अन्य स्थानों या परिसरों से, जिनको केन्द्रीय सरकार या राज्य सरकार अधिसूचित करे, मल-मूत्र के, ऐसी रीति से, जो विहित की जाए, पूर्णतया विघटित होने से पूर्व, मानव मल-मूत्र को डाला जाता है, हाथ से सफाई करने, उसको ले जाने, उसके निपटान में या अन्यथा किसी रीति से उठाने के लिए किसी व्यष्टि या स्थानीय प्राधिकारी या अभिकरण या ठेकेदार द्वारा लगाया जाता है या नियोजित किया जाता है और ‘’हाथ से मैला उठाने पद’’ का तदनुसार अर्थ लगाया जाएगा।

Q. 12. केन्द्रीय सरकार, जिसे आयोग द्वारा रिपोर्टें/सिफारिशें भेजी गई हैं, का उत्तरदायित्व क्या है?

Ans.

केन्द्रीय सरकार संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष रिपोर्ट/सिफारिशें रखवाएगा, जिसके साथ संघ से संबंधित सिफारिशों पर की गई या किए जाने के लिए प्रस्तावित कार्रवाई और यदि ऐसी कोई सिफारिश अस्वीकृत की गई है, तो अस्वीकृति के कारणों को स्पष्ट करने वाला ज्ञापन भी होगा।

Q. 13. आयोग द्वारा किस प्रकार की शिकायतों पर कार्रवाई नहीं की जाती है?

Ans.

आयोग द्वारा निम्नलिखित प्रकृति की शिकायतों पर कार्रवाई नहीं की जाती है और इन्हें आरंभ में ही अस्वीकार कर दिया जाता है, सिवाय इसके कि अन्यथा ऐसा कोई निदेश न दिया गया हो:-

  1. वे शिकायतें जो सफाई कर्मचारियों/मैनुअल स्केवेंजरों की शिकायतों से संबंधित नहीं हैं।
  2. वे शिकायतें जो जाति आधारित भेदभाव/हिंसा से संबंधित हैं।
  3. वे शिकायतें जो न्याय निर्णायाधीन मामलों से संबंधित हैं (जो किसी न्यायालय/अर्ध-न्यायिक निकाय के समक्ष लंबित हैं)।
  4. वे शिकायतें जिनके लिए सामान्य न्यायिक/अर्ध-न्यायिक/प्रशासनिक उपाय अन्यत्र उपलब्ध हैं परन्तु शिकायतकर्त्ता द्वारा पर्याप्त औचित्य के बिना जिनका लाभ नहीं उठाया गया है।
  5. वे शिकायतें जो किसी ऐसी घटना से संबंधित है जो एक वर्ष अथवा इससे अधिक पुरानी हैं।
  6. वे शिकायतें जो अस्पष्ट, गुमनाम, छद्मनाम अथवा तुच्छ हैं।
  7. वे शिकायतें जिन पर हस्ताक्षर नहीं किए गए हैं।
  8. वे शिकायतें जो आयोग को सीधे संबोधित नहीं की गई हैं और जो अन्य किसी प्राधिकरण को संबोधित है तथा इसे उसकी प्रति भेजी गई है।

Q. 14. राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग (एनसीएसके) को क्या कार्य सौंपे गए हैं?

Ans.

आयोग निम्नलिखित कार्य निष्पादित करेगा :-

क. सफाई कर्मचारियों के स्तर, सुविधाओं तथा अवसरों में असमानताओं को दूर करने की दिशा में केद्र सरकार को विशिष्ट कार्य योजना की सिफारिश करना;

ख. सफाई कर्मचारियों; विशेषरूप से स्कैवेंजरों के सामाजिक एवं आर्थिक पुनर्वास से संबंधित कार्यक्रमों और योजनाओ के कार्यान्वयन का अध्ययन और मूल्यांकन करना;

ग. विशिष्ट शिकायतों की जांच करना तथा निम्नलिखित को कार्यान्वित न करने से संबंधित मामले का स्वत: संज्ञान लेना –

I. सफाई कर्मचारियों के किसी भी समूह के संबंध में कार्यक्रम या योजनाए;

II. सफाई कर्मचारियों की कठिनाइयों को कम करने की दिशा में निर्णय, दिशा-निर्देश या अनुदेश;

III. सफाई कर्मचारियों के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान के लिए उपाय;

IV. सफाई कर्मचारियों के संबंध में लागू किसी कानून के उपबंध; तथा संबंधित प्राधिकारों या केद्र सरकार या राज्य सरकार के समक्ष ऐसे मुद्दे उठाना;

घ. सरकार, नगरपालिकाओं तथा पंचायतों सहित विभिन्न प्रकार के नियोक्ताओं के अधीन कार्य कर रहे सफाई कर्मचारियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा तथा वेतन के साथ-साथ सफाई कर्मचारियों के काम की दशा का अध्ययन करना और मानीटर करना तथा इस संबंध में सिफारिशें करना;

ङ. सफाई कर्मचारियों के समक्ष पेश आ रही किन्हीं मुश्किलों तथा असमर्थताओं को ध्यान में रखते हुए सफाई कर्मचारियों से जुड़े किसी भी मामले पर केद्र या राज्य सरकारों को रिपोर्ट देना; और

च. केद्र सरकार द्वारा इसे संदर्भित किया गया कोई अन्य मुद्दा ।

‘’हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन का प्रतिषेध तथा उनका पुनर्वास अधिनियम, 2013’’ के अधिनियमन के पश्चात आयोग का अधिदेश एवं कार्य क्षेत्र भी बढ़ गया है। उक्त अधिनियम की धारा 31(1) के अनुसार आयोग निम्नलिखित कार्य निष्पादित करेगा, नामतः :-

क. इस अधिनियम के कार्यान्वयन की निगरानी करना;

ख. इस अधिनियम के उपबंधों के उल्लंघन के संबंध में शिकायतों की जांच करना और संबंधित प्राधिकारियों को उन सिफारिशों के साथ जिनमें आगे कार्रवाई अपेक्षित है, अपने निष्कर्षों से अवगत कराना और

ग. अधिनियम के उपबंधों के प्रभावी कार्यान्वयन हेतु केद्रीय तथा राज्य सरकारों को सलाह देना;

घ. इस अधिनियम को कार्यान्वित नहीं करने से संबंधित मामले का स्वत: संज्ञान लेना।

Q. 15. आयोग उपर्युक्त अधिदेश को पूरा करने के लिए क्या कार्रवाई करता है?

Ans.

आयोग ने अपने अधिदेश को पूरा करने के लिए निम्नलिखित प्रक्रिया को अंगीकृत किया है:-

(क) आयोग लक्ष्य समूह से उसे प्राप्त अभ्यावेदनों पर संबंधित प्राधिकारों से रिपोर्ट प्राप्त करता है और शिकायत के समाधान के लिए उपयुक्त सिफारिशें करता है।

(ख) एमएस अधिनियमए 2013 के कार्यान्वयन तथा परिणाम के संबंध में राज्यध्संघ राज्य क्षेत्र प्रशासनों, नगरपालिकाओं, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों आदि से सूचना प्राप्त करता है।

(ग) आयोग राज्यों/संघो राज्य क्षेत्रों का दौरा करता है और संबंधित राज्यों/ज़िले से संबंधित मामलों पर कार्रवाई करने के लिए राज्य सरकार/जिला अधिकारियों के साथ मुलाकात करता है।

(घ) आयोग उन स्थानों का भी दौरा करता है जहां सफाई कर्मचारी रहते हैं और उनकी समस्याओं को जानने के लिए उनके नेताओं, प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों तथा व्यक्तियों से मिलता है और विकास/कल्याण के संबंध में सुझाव भी प्राप्त करता है।

Q. 16. आयोग में कौन सी शक्तियां निहित की गई हैं?

Ans.

आयोग के कार्यों के निर्वहन में, आयोग के पास किसी सरकार अथवा स्थानीय अथवा किसी अन्य प्राधिकार से उपर्युक्त विनिर्दिष्ट किसी मामले के संबंध में सूचना प्राप्त करने की शक्तियां हैं।